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जब मजदूरी नहीं बढ़ी तो फिर सीमेंट के दाम क्यों बढ़ाये जा रहें- नागेश्वर यादव, युंका महासचिव

सीमेंट के मूल्य में वृद्धि विष्णुभोग टैक्स या फिर चौधरी टैक्स

कोरिया टाईम्स ब्यूरो गुलशन यादव 

कोरिया/बैकुंठपुर- भारतीय युवा कांग्रेस जिला महासचिव नागेश्वर यादव ने सीमेंट कंपनियों द्वारा सीमेंट के दाम में प्रति बोरी 50 रुपए की वृद्धि किए जाने पर प्रदेश सरकार से यह पूछा कि ऐसा कौन सा टैक्स है, जो प्रदेश की जनता पर थोपा जा रहा है। उन्होंने आगे कहां कि सीमेंट के दाम में बढ़ोतरी से 18 सौ करोड़ रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त राशि की जो वसूली हो रही है,वह जा कहां रहा है, यह बात सरकार को बताना चाहिए, यह मूल्य वृद्धि की कौन सा टैक्स है, यह विष्णुभोग टैक्स या फिर चौधरी टैक्स है। युवा कांग्रेस नेता श्री यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में जनता को लूटने की खुली छूट है। ‘विष्णुभोग’ के लिए वसूला जा रहा है,50 रुपया प्रति बोरा सीमेंट पर अतिरिक्त दाम, अचानक 200 से बढ़ाकार 310 रूपए प्रति बोरा कर दिया गया है।

 सीमेंट की कीमत में अचानक एक चौथाई की भारी भरकम वृद्धि भाजपा सरकार के कमीशनखोरी और मुनाफाखोरी का प्रमाण है। सीमेंट उत्पादन के लिए तमाम कच्चा माल, लाइमस्टोन हमारा, कोयला हमारा,जमीन हमारी,बिजली हमारी और हमें ही महंगे दामों पर सीमेंट खरीदने के लिए मजबूर कर रही है,"भाजपा सरकार" उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ सीमेंट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, यहां हर माह लगभग 30 लाख टन से अधिक सीमेंट का उत्पादन होता है, पहले केंद्र की मोदी सरकार 28 प्रतिशत का भारी भरकम जीएसटी लगाया और अब साय सरकार के सरंक्षण में कीमतों में अचानक बढ़ोत्तरी जनता के साथ अन्याय है। 

हर सर पर छत का वादा करके सरकार में आयी भारतीय जनता पार्टी के शासन में भवन निर्माण सामाग्रियों में लगातार बेतहाशा वृद्धि हो रही है रेत के दाम पिछले 9 महीने में चार गुना बढ़ गए, स्टील की कीमते दुगनी हो गई है, और अब सीमेंट के दाम में 50 रूपए प्रति बोरी की वृद्धि से गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों के अपने घर के सपनों पर करारी चोट है, उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास, इंफ्रास्ट्रक्कर, निर्माण में सीमेंट एक अहम घटक है, सीमेंट के दाम में वृद्धि से न केवल निजी बल्कि सरकारी प्रोजेक्ट में भी निर्माण लागत बढ़ जाएगी, पुल पुलिया, बांध, सीसी रोड,भवन निर्माण कार्य प्रभावित होंगे, रियल एस्टेट सेक्टर में भी नकारात्मक प्रभाव निश्चित है। रोजगार पैदा करने में कृषि के बाद रियलस्टेट दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है, सीमेंट की कीमत में अचानक वृद्धि से रियल एस्टेट व्यवसाय की कमर टूट जाएगी, लाखों की संख्या में लोग बेरोजगार हो जायेंगे। 

पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय सीमेंट, स्टील, रेत के दाम नियंत्रित थे, अब भाजपा सरकार के अनुचित सरंक्षण में सीमेंट कंपनियां निरंकुश हो चुकी है, जनता को लूटने का कोई अवसर डबल इंजिन की सरकार नहीं छोड़ रही है!