झांझ और मांदर के ताल मे जमकर तिरकते नजर आए परशुरामपुर सरपंच
कोरिया टाईम्स ब्यूरो नंदू यादव
सूरजपुर- जिले के विकास खण्ड रामानुजनगर के ग्राम पंचायत में परशुरामपुर में परंपरागत अनुसार भादो के महीना मे एकादशी के दिन करमा त्यौहार मनाने के लिए गांव के गुड़ी कोटवार के द्वारा जंगल से करम देव कर्मी का डंगाल को अर्जी कर काट के कंटिन्धा के घर एवं गुड़ी देवालय में बैगा के द्वारा उसको विधि पूर्वक आंगन में गाड़ दिया गया और आंगन में जाई को रख कर जितने भी लोग करम देव का उपवास थे।
सभी लोग को करम देव का कहानी गांव के गवटिया के द्वारा सुनाया गया और विधि पूर्वक करम देव का पुजा अर्चना कर रात भर मादर एवं झांझ के ताल में करम देव के गाने से करमा का नाचा किया गया और सुबह करम देव को पुजा अर्चना कर गांव के बैगा एवं कोटवार के द्वारा और गांव के वरिष्ठ जनो के साथ करम देव को विधि पूर्वक नदी में विसर्जन कर दिया गया और विसर्जन के बाद घर मे आकर परंपरागत अनुसार सभी के घरों में भाई चारे के साथ मिलकर लसोरा का फरहार खाया गया।
करमा त्यौहार के उपलक्ष्य पर करमा खेलने के लिए बड़ी उत्साह के साथ और सरगुजा का पारंपरिक करमा को बचाने के लिए गांव के युवा सरपंच श्री लालकेश्वर सिंह सरुता, रविनारायण आरमो, रामप्रसाद गवटिया, रामकृपाल, शिवचरण, भोला प्रसाद, नन्दू यादव, हरनारायण, गोपाल सिंह, देवनारायण, कृष्णा, रुपन, फुल साय एवं समस्त गांव के युवा साथी ग्राम वासी और वरिष्ठ जन उपस्थित थे।