पोड़ी बचरा की मजबूत नेता को संगठन ने दिया सम्मान, महिला मोर्चा को मिलेगी नई धार
कोरिया टाईम्स ब्यूरो रघुवर यादव
बैकुंठपुर/ कोरिया। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा जिला कोरिया की वर्ष 2026 की जिला कार्यसमिति की घोषणा के साथ ही संगठन ने बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। पार्टी नेतृत्व ने पोड़ी बचरा की जमीनी, संघर्षशील और सक्रिय नेत्री श्रीमती लक्ष्मी यादव को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त कर संगठनात्मक मजबूती की दिशा में अहम कदम उठाया है।
श्रीमती लक्ष्मी यादव लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़कर महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सरोकार और पार्टी विस्तार के लिए निरंतर कार्य करती आ रही हैं। बूथ स्तर से लेकर मंडल और जिला स्तरीय गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, अनुशासन और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है।
संगठन को मिलेगी जमीनी ताकत
लक्ष्मी यादव की नियुक्ति को केवल एक पद नहीं, बल्कि संगठन के लिए जमीनी नेतृत्व को आगे लाने का संदेश माना जा रहा है। वे महिलाओं की समस्याओं को मंच तक पहुंचाने और संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में लगातार सक्रिय रही हैं। उनके नेतृत्व में महिला मोर्चा कोरिया जिले में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएगा, ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।
क्षेत्र में खुशी, कार्यकर्ताओं में उत्साह
जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने की खबर मिलते ही पोड़ी बचरा सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। महिला कार्यकर्ताओं और पार्टी समर्थकों ने इसे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात बताया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लक्ष्मी यादव की नियुक्ति से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और महिला मोर्चा और मजबूत होगा।
जिम्मेदारी को चुनौती मानकर करूंगी काम – लक्ष्मी यादव
नियुक्ति के बाद श्रीमती लक्ष्मी यादव ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वे महिला मोर्चा को मजबूती देने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करने के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करेंगी।
2028 की राजनीति में दिखेगा असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लक्ष्मी यादव जैसी जमीनी और सक्रिय नेत्री को आगे लाना आगामी राजनीतिक समीकरणों में भाजपा के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। महिला मतदाताओं के बीच संगठन की पकड़ मजबूत करने में उनकी भूमिका निर्णायक हो सकती है।